लेनोक्स एवेन्यु पर एक भित्तिचित्र”


आधुनिक अमेरिका के साथ-साथ दुनिया भर के जन-आंदोलनों के बौद्धिक प्रेरणा-स्रोत- कवि लैंग्स्टन ह्यूज की 1930 के दशक में लिखी एक कविता

"Lenox Avenue Mural" का हिंदी अनुवाद
"लेनोक्स एवेन्यु पर एक भित्तिचित्र”















क्या होता है जब कोई सपना स्थगित हो जाता है ?

क्या ये सूख जाता है
एक किशमिश की तरह
धूप में?
या एक घाव की तरह सड़ने लगता है


और फिर गतिशील हो जाता है

क्या ये सड़ चुके मांस की तरह गंधाता है 
या चीनी की चाशनी की तरह
पपड़ी बनकर जम जाता है ?
या किसी भरी बोझ की तरह  हो जाता है निढाल ?


या फिर ये  करता है विस्फोट ?

====================================
नरेन्द्र कुमार आर्य
 


Comments

Popular posts from this blog

ला-महदूद' (नज़्म )

अन्ना और लोकतंत्र का मोहपाश

Dissecting The Myths Of Merit And Meritocracy PART-XI